• 0172-501-2773 | +91-6283194771
  • Thursday, September 20, 2018

    100 Years या कहे ऐसी फिल्म जिसे आज का कोई भी देख नही पाएगा.


    क्योकि भविश्य की बाते या काम केवल एकांत मे या खुले आकाश के नीचे होते है. उन तक पहुँच पाना इतना आसान नही. वो हमारे राहो से गुजरी यादे होती है जो दहलीजो पर आके या समंदर किनारे पर मिलती है. जिनके नकशे केवल हाथ की लकीरो से होकर जाते है पर उन तक कभी कोई ओर भी पहुँच जाता है बंद दरवाजो से होकर या दिल की आवाज से.  

    क्या आप ऐसी कोई किताब, कहानी, नाटक या फिल्म को जानते है जो आज से 100 साल के बाद रीलिज होंगी. क्या कोई ऐसा फिल्म निर्माता, लेखक, हीरो, हीरोईन या बिजनेसमैन होगा जो ऐसी फिलम को बनाएगा. क्योकि जब ये रीलिज या लोगो के सामने आएगी. शायद तब तक वो भी जीवित ना रहे. शायद हम भी इसे देखने को जीवित ना रहे. फिर ऐसा कुछ बनाने के फायदा क्या ? जब इसको बनाने वाला ही जीवत ना रहे और ना ही आज के देखने वाले.

    ऐसा कुछ बन नही रहा, ये तो बन चुका है. जो आने वाला भविष्य मे ही देखा ओर सुना जा सकता है. कुछ इतिहास नही बनाते, आने वाला भविष्य बनाते है. जो ऐसा कर रहे है वो भी इसे दोहराने को शायद जीवित ना रहे पर फिर भी उन्होने ऐसा किया. ये उनकी आज के लोगो और समाज के लिए चुनौती है जो अपनी धरती और प्रकृति को हमेशा के लिए समाप्त करते जा रहे है. आज के हालत को देखकर तो यही लगता है कि कोई आज का इसे देख पाएगा. पर कुछ ऐसे भी है जो ऐसा कुछ कर चुके है और वो है.

    Director Robert Rodriguez  
    writer/actor John Malkovich  

    भविष्य की ऐसी फिल्म बना रहे है जो 100 साल के बाद रीलिज होगी. इसे सुरक्षित रखा गया है और जहां पर ये है वो भी जगह गुप्त रखी गई है. कोई भी इस जगह को नही जानता पर जिसे भी ये पता होगा वो भी इसे खोल नही सकता. ये अपने आप 18 नवंबर 2115 को खुल जाएगी.

    इस फिल्म का नाम है-

    100 Years या कहे ऐसी फिल्म जिसे आज का कोई भी देख नही पाएगा. ये आने वाले भविश्य के  लिए है जो उस वक्त धरती पर होगे या किसी ओर जगह पर. पर हमारा होना तो नामुमकिन है या हो भी सकते है. जो फिल्म मे दिखाया जाएगा वो आने वाले भविश्य के लिए ही है. हमारे लिए नही.
    रचनाकार और लेखक 
    सुबोध जुयाल

    Multi Hub Classes

    Author & Editor

    Has laoreet percipitur ad. Vide interesset in mei, no his legimus verterem. Et nostrum imperdiet appellantur usu, mnesarchum referrentur id vim.

    0 comments:

    Post a Comment